मेरी खबर: संप्रदाय एक गुरु पम्...
शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2011
संप्रदाय एक गुरु पम्परा

विश्व के समस्त संप्रदाय एक गुरू परम्परा के वाहक हैं, यदि सभी गुरू अपने गुरूओं की मूल भावना को समझ लें व स्वीकार लें तथा उस मार्ग पर चल पडें तो कहीं कोई झगडा नही रह जाएगा । अत्याचार और अन्याय के लिये कहीं भी,किसी भी संप्रदाय में कहीं कोई जगह नही है । वास्तव में सत्ता के लोभी तथाकथित संतों नें बहुत खून बहा दिया है और तो और इसका लबादा पहने गुरू का मकसद ही बदल दिया है जिसकी वजह से लोग गुरू शब्द से ही दूर होने लगे हैं...
शनिवार, 12 फ़रवरी 2011
हिंदुस्तान नपुंसक है ।
in देश

सोचो ... सोचो... और सोचो कि भला मैने ये तस्वीर क्यों लगाई या ऐसी हेडलाइन्स क्यों बनाई । आप चाहे जो सोचें... भाई हमने तो सोचा कि जब यासिन जैसा देशद्रोही खुलेआम हमारे देश में हमारी ही ऐसी की तैसी कर रहा है और भाजपा के फेंकें जूते उस तक नही पहुंच पा रहे हैं तो हम तो नपुंसक ही हुए ना और जब हम ही नपुंसक है तो सारा देश नपुंसक नही हुआ क्या ( क्यों .. पाकिस्तान को आतंकीयों का देश कहते हैं कि नही) । अब जरा कुछ बातें करें...
गुरुवार, 10 फ़रवरी 2011
क्या चीज है मानवाधिकार संगठन
in देश

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मानवाधिकार कार्यकर्ता बिनायक सेन की जमानत की याचिका खारिज कर दी है. उन्हें माओवादियों की मदद के आरोप में उम्र कैद की सजा दी गई है जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है. सेन को भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में 2007 में गिरफ्तार किया गया. हाल में ही उन्हें देशद्रोह का दोषी करार देते हुए अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई. सरकारी वकील यह साबित करने में सफल रहे सेन माओवादियों को शहरी इलाकों में अपना...
गुरुवार, 10 फ़रवरी 2011
बिनायक सेन की जमानत याचिका खारिज
अदालत ने कोलकाता के बिजनेसमैन पीयूष गुहा की जमानत याचिका भी ठुकरा दी। इसी मामले में गुहा को भी उम्र कैद मिली है। अदालत ने कल इन दोनों की जमानत याचिका पर फैसा सुरक्षित रख लिया था। फैसला जस्टिस टीपी शर्मा और जस्टिस आर एल झांवर की खंडपीठ ने सुनाया। सेन की पत्नी एलिना ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाएगी।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मानवाधिकार कार्यकर्ता बिनायक सेन की जमानत याचिका खारिज कर दी। सेन को निचली अदालत ने नक्सलियों से रिश्ते और देशद्रोह के मामलों में आजीवन कैद की सजा दी है। अदालत...

अरेरेरेररेरेरेरेरेरेरे ... रूको भाई मैं कोई रंगभेदी नही हूँ .. केवल पत्रकार भी नही हूँ ... मैं तो एक अमीर देश की गरीब जनता के बीच का आदमी हूँ जो काले गोरे आदमीयों तक का भेद तो समझ नही सका है फिर भला काले सफेद धन के बारे में क्या समझता । लेकिन अब समझना चाहता हूँ क्योंकि मुझे अब बच्चों के स्कूल फिस पटाने में समस्या आने लगी है, सब्जी खरीदने की जगह केवल चाँवल पकाकर उसे नमक अचार डाल कर खा रहा हूँ, पेट्रोल ना भर पाने के कारण अब साइकिलिंग...
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